ANUSANDHAN PRAVAH
Volume 2 · Issue 1 December 2025
| Sr. | Article / Author | Pages | |
|---|---|---|---|
| 1 | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सापेक्ष भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने में शिक्षकों की भूमिका डॉ विभा यादव | 1-11 | View PDF |
| 2 | Emotional Well-being among Adolescents Dr. Vidhu Shekhar Pandey | 12-17 | View PDF |
| 3 | Ethical Dimensions of Shankaracharya’s Teachings: A Philosophical Exploration in Contemporary Perspective Abhishek Sharma | 18-22 | View PDF |
| 4 | कुम्भ मेले का सर्वआयामी परिप्रेक्ष्यःपरम्परा,आधुनिकता एवं वैश्विक स्वरूप शबनम बानो & डॉ. नीता साहू | 23-32 | View PDF |
| 5 | Intersectionality in Education: How Caste, Class, and Gender Shape Educational Outcomes in India under the SDGs Gurpinder Kumar | 33-45 | View PDF |
| 6 | Reimagining Academic Libraries: The Next Frontier in Digital Scholarship Dr. Ajay Kumar Chaubey | 46-57 | View PDF |
| 7 | Empowering Through Connection: The Transformative Role of Peer Mentoring in Global Higher Education Dr. Rakhi | 58-70 | View PDF |
| 8 | सिकुड़ता रेड कॉरीडोर : सरकार, संवाद एवं समाधान डॉ. गौरव त्रिपाठी & आकाश पाण्डेय | 71-78 | View PDF |
| 9 | पृथ्वीराज रासो में अभिव्यक्त स्त्री-जीवन डॉ. सुमन मौर्या | 79-91 | View PDF |
| 10 | प्रयागराज की हस्तशिल्प परम्परा - मुंज घास से बने उत्पाद “तीर्थराज प्रयाग की अमूल्य विरासत- दशहरा, कुम्भ और मुंज शिल्प के सन्दर्भ में” वंदना गुप्ता, अर्जुन सिंह, प्रोफसर मीनू अग्रवाल एवं डॉ रश्मि सिंह | 92-98 | View PDF |
| 11 | कला और साहित्य में विष्णु के दशावतार में बुद्ध का समावेश आशुतोष द्विवेदी & शोध निदेशिका प्रोफेसर मीनू अग्रवाल, | 99-108 | View PDF |
| 12 | भारतीय चिंतन परंपरा और जयशंकर प्रसाद डॉ० विन्ध्याचल यादव | 109-118 | View PDF |
| 13 | श्रीप्रकाश शुक्ल का बनारस: निरंतरता और परिवर्तन के बीच का काव्य-संसार शिवम यादव | 119-132 | View PDF |
| 14 | विवेकी राय के उपन्यासों में नारी चित्रण पूनम मौर्या & डॉ०आदित्य कुमार त्रिपाठी | 133-144 | View PDF |
| 15 | सिंगरौली जिले के औद्योगीकरण का आर्थिक विकास पर प्रभाव: विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण महेंद्र प्रताप सिंह बैंस | 145-157 | View PDF |
| 16 | किन्नर : साहित्यिक अभिव्यक्ति रंजू मौर्या & प्रो0 रचना आनन्द गौड़ | 158-163 | View PDF |
| 17 | वेदोददत स्त्र्योदित नैदतक मूल्यों की वततमान में उपादेयता नन्दिनी रघुवंशी & मुदित पाण्डेय, | 165-170 | View PDF |
| 18 | आयुर्वेद के 'अग्र्य' सिद्धांतों एवं 'अष्ट-आहारविधि' का जीवनशैली प्रबंधन में वैश्विक महत्व श्वेता | 171-177 | View PDF |